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चितचोर

नैन भरे अनुराग सँवारत, कंचन देह सुकोमल गौरी |

राजत भूषण अंग मनोहर, मोहक अम्बर है पहिरो री ||

मादक हास हियो हुलसावत, चैन चुरावत सूरत भोरी |

गूंथत है सँग कुंतल के, चित साजन को ललना बरजोरी ||

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उम्मेद देवल

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