Tags

, , , , , ,

mo1s4fvjw55

शोभित है रंग पीत धरा,अरु घूमत है खुशियाँ हर द्वारे |

कोकिल की हद कूक सुहावन,मोर मनोहर नाम पुकारे ||

गूंजत है अलि तान दसों दिस, फूलन को मुख चूमत सारे |

नीरस तो रह तो जग जीवन, या सच एक बसंत बिना रे ||

photo

उम्मेद देवल

Advertisements