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chidiya_aur_uske_bachee

तिनका तिनका चुन चुन कर, सपने नयनों में अनगिन भर,

अरमान अनेकों दिल में पाले, भोली चिड़िया नीड़ बनाती है ||

पावस, शीत, हो या घाम पड़े, हों विपदा के पर्वत सहस्र खड़े,

रूकती ना देख है घन काले, तनिक ना ये कभी घबराती है |

अरमान अनेकों दिल में पाले, भोली चिड़िया नीड़ बनाती है ||

हर विपदा सह अण्डों को सेती, रह भूखी हिफाज़त है करती,

रहती है पंखों का डेरा डाले, ये हर बला से उन्हें बचाती है |

अरमान अनेकों दिल में पाले, भोली चिड़िया नीड़ बनाती है ||

दूर दूर से इक इक दाना, बड़े यत्न से चुन चुन कर लाना |

कैसे पहले खुद वह खा ले, वह बच्चों को पहले खिलाती है |

अरमान अनेकों दिल में पाले, भोली चिड़िया नीड़ बनाती है ||

पर पर निकले बच्चे उड़ जाते, नव अपना जाकर नीड़ बनाते,

सींकर अपने दिल के छाले, रातों में चुप चुप अश्क़ बहाती है |

अरमान अनेकों दिल में पाले, भोली चिड़िया नीड़ बनाती है ||

उम्मेद देवल

उम्मेद देवल

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