Tags

, , , , , ,

18747660_ml

मंज़िल मिल ही जाएगी, आज नहीं तो निश्चित कल |

मत ना अंधी दौड़ लगा, कदम कदम बस बढ़ता चल ||

पथ है तो पत्थर भी होंगे, ठोकर भी लग ही जाती है ,

गिरने वाले उठते भी हैं, लेकिन चलना अब सम्हल|

मंज़िल मिल ही जाएगी, आज नहीं तो निश्चित कल ||

इस जग में लो देख जरा, हर चीज बदलती पाओगे ,

ये किस्मत क्यूँ ना बदलेगी, राहों पर तो जरा निकल |

मंज़िल मिल ही जाएगी, आज नहीं तो निश्चित कल ||

भाग्य लकीरों संग में है, किन्तु परन्तु अवश्य लिखा ,

मेहनत से इन लेखों को, निज क्षमता अनुसार बदल |

मंज़िल मिल ही जाएगी, आज नहीं तो निश्चित कल ||

कितने असाध्य साध्य किए, हैं संकल्पों से मानव ने ,

सागर थाह,कदम व्योम में, ये सब हैं प्रयासों के फल |

मंज़िल मिल ही जाएगी, आज नहीं तो निश्चित कल ||

उम्मेद देवल

उम्मेद देवल

Advertisements