Tags

, , , , , ,

Romantic-and-Dreamy-Night

अब तो बस याद है, उसके लफ़्ज़ों के जाल की |

खूबसूरत फरेब की, उस मासूम के जमाल की ||

जज़्ब किये जो दर्दो गम, बताने से क्या हासिल |

कौन सुनता है यहाँ , दास्तां किसी के हाल की ||

आई थी कैसी फिज़ा, गई जो गुलशन उजाड़ के |

रवाँ है अब सूऐ -ए-दिल, ये आंधियाँ मलाल की ||

खतावर तो हम ही थे, तसव्वुर में लाते चले गए |

तोहमत दें क्यूँ और को, अपने कुसूरे ख्याल की ||

दीवानगी शायद इसे ही, कहती है दुनिया दोस्तों |

मर के भी करते हैं दुआ, कातिल के जलाल की ||

उम्मेद देवल

उम्मेद देवल

Advertisements