Tags

, , , , , ,

11091001_1578648952403317_4500564892709778079_o

पल ना टरे पलकें राधे, बस मुख मनमोहन जाए निहारत हैं |

मनभावन आनन उर माहिं बसा, ना नटवर पलक उघारत हैं ||

उमगत नेह अति उर दोनों ही, अरु ये प्राण परस्पर वारत हैं |

प्रीत प्रवीण छवि युगल मनोहर, जीते ना कोऊ, दोऊ हारत हैं ||

उम्मेद देवल

उम्मेद देवल

Advertisements