Tags

, , , , , ,

598321401_5fc2ef1f74_z

चलते हैं हँसकर ख़ारों पर, इस इश्क का यारो क्या कहना |

रख देते हैं दिल अंगारों पर, इस इश्क का यारो क्या कहना ||

जीत की चाह लिए जग में, अब तक तो अनेकों हैं जंगें हुई |

ये हँसते हैं अपनी हारों पर, इस इश्क का यारो क्या कहना ||

ना दौलत, तख्तो-ताज़, खजाना, इस जान से बढ़कर ना कोई |

ये मर जाते महज़ इशारों पर, इस इश्क का यारो क्या कहना ||

ना रब, ना जात, ना दीन औ”धर्म, यार खुदा, बस प्यार खुदा |

सजदा तो कदम-ए-यारों पर, इस इश्क का यारो क्या कहना ||

बस दीदार की हसरत रखते हैं, होती ना ख्वाहिश और कोई |

नज़रें हैं ना और नज़ारों पर, इस इश्क का यारो क्या कहना ||

ये दिल की लगी है जिसको लगी, समझेंगे वही ना और कोई |

हैं चलते तलवार की धारों पर, इस इश्क का यारो क्या कहना ||

उम्मेद देवल

उम्मेद देवल

Advertisements