Tags

, , , , , ,

Couple_drifting_apart-1389887199l

मुझे होगा अब भी दर्द वही, जो दिल थोडा सा तेरा दुखे |

गुजरा ना करो मन आँगन से, दिल के छाले ना पाँव चुभे ||

अब गुलशन औ’ बहारें रही कहाँ, हर और वीरानी छाई है |

मत आना कभी भूले से इधर, होती है दिलबर टीस मुझे ||

इक इश्क की दौलत ही तो थी, वो भी कहाँ अब पास मेरे |

इल्जाम किसी को क्यूँ देना, हम अपने हाथों खुद ही लुटे ||

अब अरमान कहाँ इस जीवन में, बस आसूँ और उदासी है |

दिल पे अँधेरे गम के काबिज़, खुशियों के सारे दीप बुझे ||

जिन्दा हैं तो यह सोच सनम, इल्ज़ाम तेरे सर कोई ना हो |

बस साँसें बची है अब बाकी, अरमां तो सारे कब के चुके ||

उम्मेद देवल

उम्मेद देवल

Advertisements