Tags

, , , ,

Radha-Krishna-HD

सब लाज़ दिई बिसराय मति, जब संग ब्रजराज लड़ी अंखियाँ |

हांसत पुर जन लोग सबै, अरु छेड़त अति रस ले ले सखियाँ ||

नैन लगे निस-दिन मग मोहन, बिनु दरस बने पावस नदियाँ |

चाह यही अब आठ्हूँ याम ही, करती रहूँ संग गिरधर बतियाँ ||

उम्मेद देवल

उम्मेद देवल

Advertisements