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कल मेरे शहर में नामांकन था, क्या मोदी जी देखा तुमने ?

कचरा-कचरा शहर हुआ था, क्या मोदी जी देखा तुमने ??

आपके दल के प्रत्याशियों की, क्या आपने देखि करतूतें ?

आपके फोटो सडकों पर बिखरे, उन पर थे जनता के जूते |

सडकों पर पड़े सुमन सुकोमल, अपनी किस्मत को रोते थे |

स्वच्छता का नारा देने वाले, खुद गन्दगी के वाहक होते थे ||

गला शहर का भर आया था, क्या मोदी जी देखा तुमने ?

कचरा-कचरा शहर हुआ था, क्या मोदी जी देखा तुमने ??

वाहन रैली संग प्रत्याशी, नामांकन को जाता था,

जोर-जोर से और जोर से, ढोलों को पिटवाता था |

शोर, धुआं दोनों ने मिलकर जमकर प्रदूषण फैलाया,

हर तरफ़ था कागज़ कचरा,पर ना कोई शरमाया |

हर और सत्ता का चढा नशा था, क्या मोदी जी देखा तुमने ?

कचरा-कचरा शहर हुआ था, क्या मोदी जी देखा तुमने ??

क्या ऐसे ही तुम, भारत को साफ़ बनाने वाले हो ?

नारों पर नारे देकर के, हमको बहलाने वाले हो |

अंजुली में जो जल भरा भला, कितनी देर टिक पाएगा?

झूंठा सौदा इक बार बिका,क्या बार-बार बिक पाएगा ??

कथनी करनी का भेद साफ़ था, क्या मोदी जी देखा तुमने ?

कचरा-कचरा शहर हुआ था, क्या मोदी जी देखा तुमने ??

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